STORYMIRROR

shubham s. jaiswal

Action

4  

shubham s. jaiswal

Action

दहशतखोर का बेड़ा गर्क

दहशतखोर का बेड़ा गर्क

1 min
556

जहन्नुम दुनिया को बनाकर,

जन्नत की क्या सैर करेगा,

मासूमों की क्या हत्या कर,

आसमानी ख्वाब बुनेगा,


सच है, कि नीच तू,

आतंक का, है बीज तू,

नापाक है, तेरे कर्म,

शौक-ए-गुनाह, तेरा धरम,


बारूद तेरी करे कत्ल-ए-आम,

क्या होता नहीं ये भी हराम,

कैसा तेरा है जिहाद जो,

बदनाम करे इस्लाम को,


तू है कलंक तू सर्प-डंक,

ईमान तेरा गिरवी है रंक,

गुमराह राही तेरा है शबाब,

तेरी अक्ल खोटी नीयत खराब,


तू घर का है, न घाट का,

किसी मुल्क न, खानदान का,

आतंकियों के जमात का,

हैवानियत का तू रहनुमा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action