Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

shubham s. jaiswal

Action


5.0  

shubham s. jaiswal

Action


दहशतखोर का बेड़ा गर्क

दहशतखोर का बेड़ा गर्क

1 min 446 1 min 446

जहन्नुम दुनिया को बनाकर,

जन्नत की क्या सैर करेगा,

मासूमों की क्या हत्या कर,

आसमानी ख्वाब बुनेगा,


सच है, कि नीच तू,

आतंक का, है बीज तू,

नापाक है, तेरे कर्म,

शौक-ए-गुनाह, तेरा धरम,


बारूद तेरी करे कत्ल-ए-आम,

क्या होता नहीं ये भी हराम,

कैसा तेरा है जिहाद जो,

बदनाम करे इस्लाम को,


तू है कलंक तू सर्प-डंक,

ईमान तेरा गिरवी है रंक,

गुमराह राही तेरा है शबाब,

तेरी अक्ल खोटी नीयत खराब,


तू घर का है, न घाट का,

किसी मुल्क न, खानदान का,

आतंकियों के जमात का,

हैवानियत का तू रहनुमा।


Rate this content
Log in

More hindi poem from shubham s. jaiswal

Similar hindi poem from Action