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Rashmi Mishra

Classics

4.8  

Rashmi Mishra

Classics

माटी का दीया

माटी का दीया

1 min
287


कुम्हार बनाए माटी से

मुझको यूं रूंद रूंद कर,

इक सुन्दर आकर्षक रूप में

नाम भी मुझको 'दिया' दिया।


गोल मटोल चौकोर तिकोना

कैसा सुन्दर रूप सलोना,

जगमग जगमग टिम टिम करते

दीपमाला बन घर को सजाते।


तेल और बाती संगी साथी

हम मिल करते जग को रोशन

जंगल में मंगल हो जाता,

हर्षित हो जाता तन और मन।


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