Click here for New Arrivals! Titles you should read this August.
Click here for New Arrivals! Titles you should read this August.

नम्रता चंद्रवंशी

Fantasy


3  

नम्रता चंद्रवंशी

Fantasy


मासूम दिल

मासूम दिल

1 min 469 1 min 469


दिल तो मेरा मेरे पास, बस नाम का है,

ये तो मेरे लिए ,बिना काम का है,

हर पल ख्यालों में रहता है, किसी और के,

पूछो इस से तो, बस एक ही जवाब,

बस तूने ही तो बनाया है, मुझे इस कदर नाकाम,

क्यूँ दे रखा है मुझे बेवजह ,उसके पास,

जिसे मैं, बिल्कुल नहीं भाता हूं,

परायेपन का अहसास दिलाता है, वो मुझे,

और मैं बस भागे, तुम्हारे पास आता हूं।


पर आ नहीं पता, बस कोशिश ही रह जाती है,

तुम हर बार की तरह, मुझसे मुंह फेर लेते हो,

जैसे कि मेरी, कोई जरूरत ही नहीं,

हर बार मुझे, और दूर कर देते हो।

रख लो मुझे, कैद करके अपने सीने में,

बस तेरे लिए ही, धड़कना चाहता हूं,

बस तेरे ही लिए जीना, और तेरे लिए ही

करना चाहता हूं।

तुझसे दूर होकर अब, मैं रह नहीं पाऊंगा,

तेरी ये तड़प अब, मैं सह नहीं पाऊंगा,

रख ले मुझे अपने आगोश में,

बस तेरे लिए ही धड़कना चाहता हूं,

तेरे लिए ही जीना, तेरे लिए ही मरना चाहता हूं।

              


Rate this content
Log in

More hindi poem from नम्रता चंद्रवंशी

Similar hindi poem from Fantasy