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DR. RICHA SHARMA

Inspirational

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DR. RICHA SHARMA

Inspirational

मानो या न मानो

मानो या न मानो

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मानो या न मानो पर ये बात अच्छी तरह जान लो।

विद्यालय की हर प्रतियोगिता में तुम हिस्सा लो।।


आज से तुम्हारी हर शरारत पर होगी हर दिन यहीं सजा।

बेटा जी! अब लेना होगा आपको हर गतिविधि का मजा।।


पढ़ाई को छोड़ दिखाते हो लड़ाई में रूचि।

अब तो नाम होगा तुम्हारा देखना हर सूची।।


हर विषय में तुम्हारे अंक आते हैं जीरो।

कक्षा में बने फिरते हो कहीं के हीरो।।


आज से तुम्हें खूब मजा कराऊंगी।

बेटा अब तुम्हारी ज़िंदगी बनाउंगी।।


इस प्रकार हो जाओगे तुम हर प्रतियोगिता के लिए बढ़िया तैयार।

मेरे पीरियड में करो जितनी भी शरारतें अब ना जाने दूंगी बाहर।।


हर विषय-अध्यापिका को करते हो तुम परेशान।

अब प्रत्येक गतिविधि में भाग लेना बड़ी शान।।


कॉपी के पन्ने फाड़ कर बनाते हो जहाज।

अब संगीत में सुनूंगी तुम्हारी आवाज़।।


तुम्हारी शरारतों में ही छिपा है ऐसा राज़।

पहनाकर रहूंगी तुम्हें होशियारी का ताज़।।


तुम मानो या न मानो पर ये बात अवश्य जानो।

अपने भीतर छिपे गुणी कलाकार को पहचानो।।


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