STORYMIRROR

Anshika Awasthi

Classics

3  

Anshika Awasthi

Classics

मां

मां

1 min
277

था सब तरफ अंधेरा 

फिर एक उजाला आया 

मां तुमने ही जीवन में हमको 

ठीक से चलाना सिखाया ।।


जब नीद ना आई हमको 

तुमने ही हमको सुलाया 

एक था राजा एक थी रानी 

तुमने ही हमे बताया ।।


फिर भूख लगी जब हमको 

मां प्यार से तुमने खिलाया 

जो मन चाहा मांगा हमने 

और तुमने सब दिलवाया ।।


प्यारी सी डाट भी खाई हमने 

जब भी मैथ लगाया 

मां तुमने ही तो हमको 

धीरे धीरे पढ़ना सिखाया।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics