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Anshika Awasthi

Inspirational


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Anshika Awasthi

Inspirational


मुसाफिर

मुसाफिर

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देशभक्ति के आलम में,

रणभूमि में सर कट जाना ,

ओ वीर मुसाफिर उठ जाग आज !

इस देश के खातिर मर जाना।।


भय के इस मंजर में 

अब वीर ज्योति का जल जाना,

कुर्बान हुए तो शान से होंगे 

यहां नाम अमर अब कर जाना,


ओ वीर मुसाफिर उठ जाग आज !

इस देश के खातिर मर जाना।।


होंगे टुकड़े अब दुश्मन के 

तुम पुष्प की माला लेे आना,

सर उठा शान से तिरंगे का 

अब कफ़न ओढ़ कर सो जाना ,


ओ वीर मुसाफिर उठ जाग आज !

इस देश के खातिर मर जाना।।


रख याद में मेरी सर की टोपी 

तुम , सम्मान गर्व से भर जाना,

उन अश्रु भरी आंखों के अंदर 

त्रि- रंग समाकर सो जाना, 

 

ओ वीर मुसाफिर उठ जाग आज !

इस देश के खातिर मर जाना।।2


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