STORYMIRROR

Asha Pandey 'Taslim'

Drama

3  

Asha Pandey 'Taslim'

Drama

माँ

माँ

1 min
222

घने जंगल में

ऊँचे डाल पर बने घोंसले में

चिडियों के बच्चे

बिना भय पलते हैं


उन्हें यह सुकून रहता है

इन्हें कोई डर नहीं है

वे दुश्मन के पहुँच से दूर हैं

डर को जानती है माँ


खींच लाती है माँ जंगल से

साँप का गंध

चोंच में भर कर

फूँक देती है बच्चों के मुँह पर

साँप का गंध


शत्रु की पहचान कराती है

निश्चिन्त हो जाती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Asha Pandey 'Taslim'

Similar hindi poem from Drama