STORYMIRROR

Asha Pandey 'Taslim'

Drama

3  

Asha Pandey 'Taslim'

Drama

फ़न

फ़न

1 min
250

सुरुर और मस्ती

आसमानी चीज़ है

उतार लाता है वही

जिसे ये फ़न आता है


सरुर और मस्ती की

जब भी बात चले

उस "पासी" को


अनदेखा नहीं किया जा सकता

जिसके मटके में भर आता है

बूँद बू़द सरुर


फैल जाती है नस नस में

धीरे धीरे आसमानी मस्ती।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Asha Pandey 'Taslim'

Similar hindi poem from Drama