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Kanchan Prabha

Tragedy Classics Children

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Kanchan Prabha

Tragedy Classics Children

माँ तुम कहाँ हो?

माँ तुम कहाँ हो?

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माँ तुम कहाँ हो माँ ?

कहाँ हो तुम?

क्यो दूर हो मुझसे ?

तुमसे बहुत कुछ कहना है

माँ तुम कहाँ हो माँ ?


मुझे गोद में नही लोगी ?

लोरी नही सुनओगी ?

माँ मैंने तो तुम्हे कभी

परेशान भी नहीं किया


ना मैंने कभी तुम्हरा 

बुना स्वेटर उघारा था

फिर क्यूँ नाराज हो माँ ?

माँ तुम कहाँ हो माँ ?


ना मैंने कभी काबुली वाले को

बुलाने की जिद की थी 

तो फिर क्यूँ रुठी हो माँ ?

माँ तुम कहाँ हो माँ ?


मैंने कभी तुम्हारे गोद की

जिद भी तो नही की थी 

फिर क्यो नही आती माँ ?

माँ तुम कहाँ हो माँ?

ना मैंने बचपन मे तुम्हारी

लिप्स्टिक खराब की थी

तो फिर क्यो गुस्सा हो माँ?

माँ तुम कहाँ हो माँ?

सच कहती हूँ मां

आज मै बहुत अकेली हूँ 

और तुम भी छोड़ गई माँ 


लौट आओ ना माँ 

क्यो छोड़ गई मुझे ?

माँ तुम कहाँ हो माँ ?

कहाँ हो तुम माँ ?


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