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Vimla Jain

Tragedy Inspirational

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Vimla Jain

Tragedy Inspirational

दोस्ती जो दुश्मनी में बदल गई

दोस्ती जो दुश्मनी में बदल गई

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कभी थे दोनों प्यारे दोस्त

रहते थे हमेशा साथ साथ।

कपड़े भी होते थे दोनों के एक सार

बहुत सालों की थी दोनों की दोस्ती।

घर वालों को भी था उनकी दोस्ती पर नाज

मगर न जाने क्यों दोनों की दोस्ती में आ गई दरार।

हुआ कुछ ऐसा पढ़ाई के बाद दोनों ने साथ बिजनेस करने का किया करार ।

उसी में एक दोस्त के मन में आ गया विकार।

जब दूसरा दोस्त शादी के बाद गया उन्होंने हनीमून पर।

तब पहला दोस्त ने किया उसके पीठ पर वार।

सारी जमा पूंजी देखकर वह हो गया फरार।

दूसरे दोस्त ने आकर जब देखा सब नजारा मांगने वालों की फेहरिस्त देखी उसने अपने अकाउंट को संभाला।

तब उसको सब कुछ समझ में आ गया ।

उसको बहुत ढूंढने की कोशिश करी मगर वह कहीं नजर ना आया।

क्योंकि वह तो उसको धोखा देकर जो भाग गया।

 इस तरह से एक पक्की दोस्ती जरा से पैसे के पीछे दुश्मनी में है बदल गई।

अगर एक दोस्त दूसरे दोस्त की पीठ में छुरा भोंकने लगे तो दोस्ती के नाम पर कलंक लग जाता है।

और लोग सच्ची दोस्ती को भी संदेह की नजर से देखने लग जाते हैं।

इसीलिए दोस्तों दोस्ती करो तो अच्छी तरह निभाओ।

दोस्ती में रिश्तो में एक दूसरों के साथ पैसों को ना तुम लाओ।

तभी दोस्ती अच्छी चलती है नहीं तो अच्छी अच्छी दोस्ती में भी पड़ जाती है दरार।

और बदल जाती है दोस्ती दुश्मनी में हर बार।

कहती है विमला दोस्ती और रिश्तो में पैसे का लेनदेन ना हो तो ही अच्छा है

नहीं तो खास दोस्त को दुश्मन बनते नहीं लगती है। यह बहुत देखा भाला किस्सा है।



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