अगर तुम साथ हो तो और क्या चाहिए
अगर तुम साथ हो तो और क्या चाहिए
अगर तुम साथ हो…
तुम साथ हो, ईश्वर का आशीर्वाद हो तो
और क्या चाहिए।
बच्चों का साथ हो तो
ज़िंदगी गुलज़ार हो जाती है।
मन खुशनुमा हो जाता है,
सबकी एक हँसी से
मन खुशी से झूम उठता है।
कभी-कभी दूर रहकर भी
पास होने का एहसास होता है।
ईश्वर की बनी इस दुनिया में
बहुत से रंग हैं।
जो तुम साथ हो,
तो और क्या चाहिए।
ईश्वर का आशीर्वाद चाहिए,
अपनों का साथ चाहिए—
और क्या चाहिए।
ज़िंदादिली से जीते हुए
ज़िंदगी यूँ ही गुज़र जाएगी।
ईश्वर का हाथ रहा तो
यह ज़िंदगी, यह रास्ता भी
आसानी से कट जाएगा।
हाथ जोड़कर प्रार्थना है ईश्वर से—
इस परिवार पर
कोई मुश्किल आने न पाए।
सब शांति और सुकून से जिएँ,
एक-दूसरे के साथ
प्यार और सामंजस्य बिठाकर
अपनी ज़िंदगी की मंज़िल पाएँ।
सुख-शांति से
यह ज़िंदगी बसर हो जाए।
अगर तुम साथ हो, तो हर कमी पूरी लगती है,
ईश्वर की कृपा में ज़िंदगी सजी-धजी लगती है।
अपनों की हँसी से हर दिन उजाला सा हो जाए,
अगर तुम साथ हो, तो और क्या चाहिए।
