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Shayra dr. Zeenat ahsaan

Classics

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Shayra dr. Zeenat ahsaan

Classics

मान रखो

मान रखो

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मत होना विचलित तुम

देर अगर हो जाये

ऐसा कुछ नहीं है जग में

जो तुमसे न हो पाए।


लक्ष्य को अपने साध लो तुम

एकलव्य बन जाओ

दृढ़ संकल्प रखों मन में और

मंज़िल पर बढ़ जाओ।


राह बहुत मुश्किल है लेकिन

इससे न घबराना

रखो भरोसा अपने पर तुम

पीछे न हट जाना।


सब्र का दामन न छूटे बस

इतना ध्यान रखो

सीख यही चींटी से लेना

गिरकर उठते कैसे।


नाकामी को धूल चटाने

मेहनत करते कैसे।

सिर्फ कर्म से प्यार करो तुम

अब न ध्यान बँटाओ।


बढ़ो सदा तुम आगे बेटे

पर न ऐसा काम करो।

जिससे जीना मुश्किल हो और

तुम सब का अपमान करो।


मात पिता की बातों का तुम

हर कीमत पर मान रखो।


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