Bhawna Kukreti Pandey
Children
मां देखो!
बड़ा दूध का गिलास
दीदी लायी पास।
बेटा, पी लो पी लो पी लो
गट गट गट।
गोल चपाती आज
दादी लायी पास।
बेटा, खा लो खा लो खा लो
चट चट चट।
सब्जी का बाजार
खूब सजा है आज।
बेटा, ले लो ले लो ले लो
झट झट झट।
बिना बात
अनकहा ...
मुझे चाहिए वो...
पुकार
भेद नहीं हम द...
तुम्हारी बाते...
रिक्त होना
लिहाज
रहम करो !
हैसियत
पिछवाड़े कोई धर दे जूता, मैंने भी देखा एक कुत्ता। पिछवाड़े कोई धर दे जूता, मैंने भी देखा एक कुत्ता।
खून का रंग लाल इसी रंग को जानता हुं खून का रंग लाल इसी रंग को जानता हुं
परिश्रम ही सफलता की चाबी है, ये बात आज तक मैंने नानी की मानी है। परिश्रम ही सफलता की चाबी है, ये बात आज तक मैंने नानी की मानी है।
तरह तरह के खेल वह करतीं लगता खेल जैसे आँख मिचौली। तरह तरह के खेल वह करतीं लगता खेल जैसे आँख मिचौली।
बचपन का साथी वो बरगद की छाँव बचपन का साथी वो बरगद की छाँव
फल-फूल कंदमूल हैं, पृथ्वी को वरदान इन सबको पाकर बना, मानव और महान फल-फूल कंदमूल हैं, पृथ्वी को वरदान इन सबको पाकर बना, मानव और महान
है पावन दिवस आज, करते है हम उनको प्रणाम, जो ज्ञान की लौ जला कर मन अलौकिक करते रहते। जन्म दिया माँ–... है पावन दिवस आज, करते है हम उनको प्रणाम, जो ज्ञान की लौ जला कर मन अलौकिक करते र...
अव्वल नंबर से क्लास में नन्हीं परी फुली न समायी। अव्वल नंबर से क्लास में नन्हीं परी फुली न समायी।
एक सपना एक सपना
झूल रही थी जिस दिन झूला उस दिन था तूने बोला पेंग बढ़ा कर नभ को छूना वहाँ तेरा मामा झूल रही थी जिस दिन झूला उस दिन था तूने बोला पेंग बढ़ा कर नभ को छूना वहा...
राजा हरिश्चन्द्र का पुत्र के लिए प्रेम यही अंतर मानव जाने यहीं पहचाने। राजा हरिश्चन्द्र का पुत्र के लिए प्रेम यही अंतर मानव जाने यहीं पहचाने...
बरगद की छांव का होना बरगद की छांव का होना
निर्णय किया सभी ने मिलकर वृक्ष न कटने पाये निर्णय किया सभी ने मिलकर वृक्ष न कटने पाये
ढल गए वो सुनहरे पल ढल गए वो सुनहरे पल
मैं गाँव जाता अब जब कभी मैं गाँव जाता अब जब कभी
इंद्रधनुष नभ पर तुम छा जाते हो, कहां से यह सात रंग ले आते हो, आकाश में कोई घर है त इंद्रधनुष नभ पर तुम छा जाते हो, कहां से यह सात रंग ले आते हो, आकाश में कोई...
वो टीचर के जाते ही खूब हल्ला मचाना और उनकी नकल निकाल कर क्लास को दिखाना। वो टीचर के जाते ही खूब हल्ला मचाना और उनकी नकल निकाल कर क्लास को दिखाना।
उसी पेड़ की सेवा में हम पीछे रहते हैं जिस पेड़ की वजह से हम जीवित रहते हैं। उसी पेड़ की सेवा में हम पीछे रहते हैं जिस पेड़ की वजह से हम जीवित रहते हैं।
आ बैल तू मुझे मार यही कह कर ले लिया अनार आ बैल तू मुझे मार यही कह कर ले लिया अनार
यार क्या बचपना था वो भी, यार क्या बचपना था वो भी,