Bhawna Kukreti Pandey
Children
मां देखो!
बड़ा दूध का गिलास
दीदी लायी पास।
बेटा, पी लो पी लो पी लो
गट गट गट।
गोल चपाती आज
दादी लायी पास।
बेटा, खा लो खा लो खा लो
चट चट चट।
सब्जी का बाजार
खूब सजा है आज।
बेटा, ले लो ले लो ले लो
झट झट झट।
सवाल मिटता हु...
बिना बात
अनकहा ...
मुझे चाहिए वो...
पुकार
भेद नहीं हम द...
तुम्हारी बाते...
रिक्त होना
लिहाज
रहम करो !
जिक्र हो होली का महफिल में, तो नवोदय का नाम अपने आप ही आता है। जिक्र हो होली का महफिल में, तो नवोदय का नाम अपने आप ही आता है।
जब नन्हे - नन्हे पावों से चल, पास वो मेरे आते हैंं । हौले से कानो में मेरे। जब नन्हे - नन्हे पावों से चल, पास वो मेरे आते हैंं । हौले से कानो में मेरे...
माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़वा। माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़व...
आओ आओ सखियों तुमको मेरी कहानी सुनाऊं। आओ आओ सखियों तुमको मेरी कहानी सुनाऊं।
देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ अर्श से। देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ ...
नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हिन्दुस्तान। नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हि...
नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।। नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।।
पाकर तुझे खोना दर्द बहुत होता है अविस्मरणीय यादों से तूने जोड़ दिया नाता है पाकर तुझे खोना दर्द बहुत होता है अविस्मरणीय यादों से तूने जोड़ दिया नाता है
पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी
पीना मुश्किल हुआ है देखो, नल से कब जल आयेगा। पीना मुश्किल हुआ है देखो, नल से कब जल आयेगा।
आज ये एक दुःख़द कल्पना है बच्चों ,तुमसब बच्चे यदि न चेते तो ये कजल की भयवाह सच्चाई है ,अपने जीवन में... आज ये एक दुःख़द कल्पना है बच्चों ,तुमसब बच्चे यदि न चेते तो ये कजल की भयवाह सच्च...
जो ऊपर गतिमय भीतर शांत रहेगा वहीं समंदर कहलाएगा । जो ऊपर गतिमय भीतर शांत रहेगा वहीं समंदर कहलाएगा ।
लॉकडाउन से पहले विनती होती मम्मी से हमारी, कभी तो छुट्टी भी करा दो ओ मम्मी मेरी प्यारी लॉकडाउन से पहले विनती होती मम्मी से हमारी, कभी तो छुट्टी भी करा दो ओ मम्मी मे...
वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर कहते थे... वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर क...
थोड़ी सी थी, उदास ज़रूर, परी से विदा होने पर, किन्तु माला देख, खुशी से भरने लगी किलक थोड़ी सी थी, उदास ज़रूर, परी से विदा होने पर, किन्तु माला देख, खुशी से भरने ...
प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है। प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है।
शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है। शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है।
उनके जाने से मानो गिल्लू थी बहुत उदास अब न वो कमरे में आती और न खिड़की के पास।। उनके जाने से मानो गिल्लू थी बहुत उदास अब न वो कमरे में आती और न खिड़की के पा...
बचपन के वो दिन बचपन के वो दिन
कहां खो गए वो हरे भरे खेत, कहां खो गई वो रेत? कहां खो गए वो हरे भरे खेत, कहां खो गई वो रेत?