STORYMIRROR

हरीश सेठी 'झिलमिल'

Abstract Children Stories

4  

हरीश सेठी 'झिलमिल'

Abstract Children Stories

पहली उड़ान

पहली उड़ान

1 min
531

चिड़िया ने था एक नीड़ बनाया

तिनके तिनके से उसे सजाया

तीन बच्चे थे प्यारे प्यारे

एक जैसे थे सारे के सारे

चिड़िया दाना चुग्गा लाती थी


बच्चों को बारी बारी खिलाती थी

बच्चे पूछते -माँ ये संसार कैसा है

क्या अपने नीड़ जैसा है

चिड़िया उन्हें बताती थी

कुछ ऐसे समझाती थी


बेटा ये संसार बहुत बड़ा है

ये तो चाँद तारों से जड़ा है

जल्दी तुम्हें उड़ना सिखाऊँगी

सुंदर सुंदर दृश्य दिखाऊँगी

इक दिन सुबह सुबह


जब बच्चों ने आँखें खोली

तब चिड़िया उनसे यूँ बोली

बच्चो मेरे संग संग आओ

उस टहनी पर बैठ जाओ


तुम यहीं बैठे रहना

मैं जल्दी वापिस आऊँगी

तुम्हारे लिए भोजन लाऊँगी

आज तुम्हें उड़ना सिखाऊँगी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract