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Juhi Grover

Romance Tragedy

4  

Juhi Grover

Romance Tragedy

लगाव मत रखो

लगाव मत रखो

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कहा था हम ने, लगाव मत रखो इतना,

कि जीना  मुश्किल  हो  जाए  जितना,

हवा के  झोंके  जैसे  ही  तो  आई हूँ,

यों मत  करो मुझ  पे  ऐतबार  इतना।


इक  झोंका  फिर  से  हवा का आयेगा,

कर देगा  तुझ  को  दूर  मुझ से इतना,

तब तो  कोई  बताने  भी  नहीं आयेगा,

सब इन्तज़ाम पहले से  कर लो अपना।


ज़िन्दगी में  मौके  बार बार नहीं मिलते,

बहुत मिलेंगे तुम्हें ज़िन्दगी  में हम जैसे,

मगर तुम्हारे जैसे बार बार नहीं मिल सकते,

यों अपनी चाहतों को ज़ाया न करो ऐसे।


कहा था हम ने, लगाव मत रखो इतना,

कि जीना  मुश्किल  हो  जाए जितना,

हवा के  झोंके  जैसे  ही  तो  आई हूँ,

यों  मत  करो  मुझ  पे  ऐतबार इतना।


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