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VIVEK ROUSHAN

Romance

4  

VIVEK ROUSHAN

Romance

क्यूँ लड़ते तुमसे

क्यूँ लड़ते तुमसे

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क्यूँ लड़ते तुमसे लड़कर हम क्या करते

खफा तुम थे ही तुम्हें और खफा करते


तुम्हारी सब सुनी अपनी एक ना कही

इससे ज्यादा तुमसे हम प्यार क्या करते 


मैं था तुम थी और कुछ हमारे ख़्वाब थे

मैं वफ़ा कर रहा था तुम भी वफ़ा करते


तुमसे दूर रहना हीं मुनासिब समझा मैंने 

रुकते तो अपने दर्द को और सवा करते


वफ़ा से महंगी बिकती है जफा दुनियाँ में

मालूम होता यारों तो हम भी जफा करते!


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