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Juhi Khanna Kashyap

Romance

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Juhi Khanna Kashyap

Romance

तुम्हीं से है

तुम्हीं से है

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शिकायत भी तुम्हीं से है,

शरारत भी तुम्हीं से है।


मेरी आँखों में दिखती जो,

नज़ाकत भी तुम्हीं से है। 

दीवानगी का आलम है,

मोहब्बत तो तुम्हीं से है।

मेरा श्रृंगार, मेरे सपने,

मेरी उम्मीद, मेरे अपने।



मेरे बालों के गजरे में,

महकती वो जो खुशबू है।

मेरी हर सांस सांसों में,

धड़कती वो जो आहट है।

वो आहट भी तुम्हीं से है,

मोहब्बत भी तुम्हीं से है। 


तेरा गुस्सा, तेरे नख़रे,

हैं खटके और हमें अखरें।

मेरा दिल पढ़ ही लेता है,

तेरे दिल का जो किस्सा है।

मैं तेरा हिस्सा हूं,

तू मेरा हिस्सा है। 


हर एक सावन में,

झूमूं मैं उड़ जाऊं।

ये मेरे ख्वाब सब सपने,

ये मेरे रात मेरे दिन।

मेरे ख्यालात तुम्हीं से हैं,

मेरे जज़्बात तुम्हीं से हैं। 

मेरे जज़्बात तुम्हीं से हैं, 

मेरे ख्यालात तुम्ही से हैं।


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