STORYMIRROR

KAVITA YADAV

Tragedy

2  

KAVITA YADAV

Tragedy

क्योंकि लड़के रोते नहीं है।

क्योंकि लड़के रोते नहीं है।

1 min
653


नारी के जैसे कमजोर

नहीं होते हैं

अपने सारे दर्द को आसुओं में

नहीं ये भिगोते हैं,

क्योंकि लड़के रोते नहीं हैं।



अक्सर अपने दिल में

सब रखते हैं,

अपनी सारी बातों को

बयां नहीं ये करते हैं ,

क्योंकि लड़के रोते नहीं हैं।


कभी कभी ये भी

टूट के चूर होते हैं ,

अपनी बेबसी को

अपनों की खातिर

बस सह लेते हैं ,

क्योंकि लड़के रोते नहीं हैं।


ये भी अगर कमज़ोर हुए तो

कौन सब को संभालेगा...

कैसी भी परिस्थिति को ये

हर सम्भव झेल लेते हैं,

क्योंकि लड़के रोते नहीं हैं।


माना इंसान ये भी हैं पर

मजबूती भी तो जरूरी है,

यही तो एक कारण है

नारी कितनी भी कमज़ोर हो पर,

नर की बराबरी कहीं नहीं।


चाहे कितनी बड़े मगर,

मर्यादा हर में सम्भव है,

आधुनिकता में डटे रहे

पर हर नर क्रूर नहीं होते हैं

क्योंकि लड़के रोते नहीं।




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy