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KAVITA YADAV

Drama

3  

KAVITA YADAV

Drama

मौसम

मौसम

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मौसम पल-पल बदलते हैं

फ़िज़ा भी रंगीन हो जाती है


पर लोग भी रंग दिखाते हैं

मौसम की तरह हर पल


हम समझ सकें उसे पहले ही

ना जानें क्या कह जाते हैं


बदलते मौसम ने देखो

रिश्तों में दरार ये लाते हैं


कभी ठंड कभी गर्मी तो

कभी बरसात के मौसम हैं।


कभी खुशी, कभी गम तो

हम भी कहाँ एक जैसे हैं।


पर हर मौसम का सुख

दिल से निभाना चाहिए


कोई भी बात हो दिल मे बुरी 

मौसम की तरह भूल जाना चाहिए।


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