क्या लड़की होना श्राप है
क्या लड़की होना श्राप है
तेरी दुनिया मैंने देखी,
तेरी दुनिया मैंने जानी
बस एक बात लगती है मुझे बेगानी।
ऐ मेरे रब
क्या है ये सब ,
दुनिया में हर चीज तूने बनाई है ,
फिर ये बेध - भाव कैसा
मेरे समझ में न आए ये है बिल्कुल वैसा।
लड़का और लड़की तूने ही तो बनाइ है,
फिर क्यों एक को मिला है खुला आसमान
हर जगह है उसकी ही पहचान ,
और दूसरी को ना मिली एक चींटी जितनी पहचान,
रह गयी हर जगह वो अंजान।
लड़का कुछ भी करे किसी को फर्क़ नहीं पढ़ता,
और लड़की एक आँख भी उठा ले
तो हर किसी को है वो खटकता।
मैं क्या बोलू तेरी इस दुनिया के बारे मे ,
तुझे तो है सब पता
तो बता दे हमे क्या है हमारी खता।
लेकिन चल आज सुन तू मेरे दिल का हाल
और बता क्या तू भी यहि है मानता,
क्यों तेरी इस दुनिया में हमे अपना कोई नहीं है मानता।
छोटी हो तो सब बोले ये तो बोनी है
इसको कोन ही देखे गा,
लंबी है तो लड़के जैसी है भाई
इसके साथ क्या तू चल पाए गा।
पतली है तो घर वाले कुछ खाने को नहीं देते है शायद ,
मोटी है तो इतना खाएगी तो फट जाएगी
तेरी शादी कभी किसी से ना हो पाएगी।
Independent है तो मतलब घर वालो ने बिगाडा है इसे ,
और घर पर रहे तो निकम्मी मानी जाएगी।
क्या यहि है इन्साफ तेरा
क्या लड़की होना है श्राप तेरा।
Make-up करती है तो शक्ल अछि नहीं होगी
तभी तो ये सब लगाती है,
और ना लगाए तो घर वाले पैसे नहीं देते तभी शक्ल से उठी सारी चमक है ।
दुपट्टा लगाया है तो कितनी outdated रहती है आज के ज़माने के साथ ना चल पाएगी ,
Western लगाया है तो ये धर्म से दूर है इसका तो कुछ ना हो पाएगा।
जोर से बोले तो बतमीज है इसको घर वालो ने कुछ सिखाया नहीं है,
कम बोले तो क्या है ये क्या इसका कभी कुछ होगा।
घर का काम आए तो नौकर के बराबर समझते हैं,
और अगर ना आए तो लड़का बनने की कोशिश कर रही है यह ताना कसते है।
ऐ मेरे रब,
तुझे पता है सब
तो तू ही बता दे ना आज ,
कैसा है यह समाज ,
क्या लड़की होना है तेरी इस दुनिया का सबसे बड़ा श्राप
तभी तू कर्ता नहीं हमे किसी चीज में ना माफ?
या कायनात ने रखा है कुछ ऐसा
जो देगा हमे इज्जत लड़कों के जैसे।
ये पल पल मेरी दुहाई है
ऐ रब क्या लड़की होना ही मेरी तबाही है।
