क्या करें
क्या करें
रात में अश्क न बहाएं तो क्या करें
तुम्हें एक पल भी
भुला न पाएं
तो क्या करें
हर पल तुमसे
मिलने को दिल करता है
अगर तुमसे मिल न पाएं
तो क्या करें
तुम्हारी याद में ये
दिल धड़कता है
इसे न धड़काएँ
तो क्या करे
सुना करते हैं
तुम्हे अंधेरे नही पसन्द
तुम्हारी राहों में
दिल न जलाये
तो क्या करें
चांदनी रात में
चकवी को होता है
चकवे का इंतज़ार
हम तुम्हारा इंतज़ार न करें
तो क्या करें
'मन' में तुम्हारे
मिलन की है प्यास
इस प्यास को
बुझा न पाएं
तो क्या करें
दिल को कुछ समझा
न पाएं
तो क्या करें
रात में अश्क न बहाएं
तो क्या करें।

