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शिवांश पाराशर "राही"

Abstract Inspirational Others

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शिवांश पाराशर "राही"

Abstract Inspirational Others

क्या कहा हम तुमसे जलते है?

क्या कहा हम तुमसे जलते है?

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क्या कहा हम तुम से जलते हैं,

अच्छा ठीक है अब हम चलते हैं।१


वापिस आना आसान नहीं होगा,

आने जाने में पांव बहुत छिलते है।२


सही कहा मैं हद से बुरा हूं वाह,

तुम्हारे मेरे ख्याल कितने मिलते हैं।३


गिरा दी यकीन की इमारत तुमने खुद ही

हमने कहा था नींव के पत्थर हिलते हैं। ४

 

ले जाओ इन आंसुओं को कहीं और,

आंसुओं से कौन से पत्थर पिघलते है।५


 मैं तुमसे बिछड़ कर बहुत खुश हूं,

 आंख से खुशी के आंसू निकलते हैं।६


बाकी मैं बिल्कुल सही सलामत हूं,

सांस चलती है हाथ पैर भी हिलते है।७

:- शिवांश पाराशर "राही"✍️



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