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Yuvraj Singh Rathore

Tragedy Others

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Yuvraj Singh Rathore

Tragedy Others

क्या भारत आजाद हैं?

क्या भारत आजाद हैं?

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“तिरंगा तो हर साल शान से लहराता है,
पर सवाल है—हर घर तक उजाला कब आता है?
कहीं दौलत के महल, कहीं भूख की रात है,
कहीं शिक्षा महँगी, कहीं स्कूल बेहाल है।
भ्रष्टाचार की दीवारें जब तक खड़ी रहेंगी,
कैसे कहें कि हर साँस पूरी तरह आज़ाद है?”


— लेखक: युवराज सिंह राठौड़


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