Bhoop Singh Bharti
Thriller
प्यारी सी ये बून्द है, रहे मेघ के संग।
इससे ही बिखरे सदा, जीवन के सब रंग।
जीवन के सब रंग, संग ये लेकर आये।
बनकर के बरसात, धरा की प्यास बुझाये।
चातक की ये प्यास, आन मिटाये सारी।
बने सीप मुख देख, बून्द मोती सी प्यारी।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
ना जश्न में, ना त्योहार में, ना जलसे में, फिर भी है। ना जश्न में, ना त्योहार में, ना जलसे में, फिर भी है।
मेरी उम्मीदों का सफर है तू, यूं ही न मुझको रुलाया कीजिए। मेरी उम्मीदों का सफर है तू, यूं ही न मुझको रुलाया कीजिए।
समाज में शादी को देख लगता है कि मैं अपने मां-बाप पर कोई बोझ हूं। समाज में शादी को देख लगता है कि मैं अपने मां-बाप पर कोई बोझ हूं।
इन सबके उन्मूलन में क्यों सदियों से गती मंद है। इन सबके उन्मूलन में क्यों सदियों से गती मंद है।
एक तुम हो कि मेरी कुछ सुनी ही नहीं एक मैं हूँ जो सब कुछ तुम्हें कह गया। एक तुम हो कि मेरी कुछ सुनी ही नहीं एक मैं हूँ जो सब कुछ तुम्हें कह गया।
भरोसे की डोर में न दरार कोई आए बस सदा ही यह प्रयास होना चाहिए। भरोसे की डोर में न दरार कोई आए बस सदा ही यह प्रयास होना चाहिए।
मानवता और सौहार्द से भाईचारे का दिया ज्ञान। किसान को गले लगाया, जय जवान जय किसान। मानवता और सौहार्द से भाईचारे का दिया ज्ञान। किसान को गले लगाया, जय जवान जय क...
जीवन संगीत मधुर हो जाएगा मन प्रफुल्लित हो आगे बढ़ेगा। जीवन संगीत मधुर हो जाएगा मन प्रफुल्लित हो आगे बढ़ेगा।
आधी जल भारी गगरी तुम मेंढक हो गोल दीवारों के। आधी जल भारी गगरी तुम मेंढक हो गोल दीवारों के।
सहर में जब तू लेता अंगड़ाई ओ मिरे सनम, तुझे चूमने फ़लक से उतर आता है आफ़ताब। सहर में जब तू लेता अंगड़ाई ओ मिरे सनम, तुझे चूमने फ़लक से उतर आता है आफ़ताब।
खुशियों के अब दीप जलेंगे, नहीं होगा अब रोना - धोना। खुशियों के अब दीप जलेंगे, नहीं होगा अब रोना - धोना।
आगाज नहीं चलने का आवाहन है रुकने का, तेरा रुकना ही उपाय है कोरोना से बचने का। आगाज नहीं चलने का आवाहन है रुकने का, तेरा रुकना ही उपाय है कोरोना से बचने का।
अब तुम ही बता दो जिंदगी बितानी है तो मैं उसे चुनूँ या नहीं। अब तुम ही बता दो जिंदगी बितानी है तो मैं उसे चुनूँ या नहीं।
नहीं चलती दुनिया, किसी एक के होने से नहीं हूँ मैं अलग, जरा देख तो सही। नहीं चलती दुनिया, किसी एक के होने से नहीं हूँ मैं अलग, जरा देख तो सही।
ना मालिक के दर से प्यारी जगह कोई ना रहम बिना उसकी सांसे चल पाई है। ना मालिक के दर से प्यारी जगह कोई ना रहम बिना उसकी सांसे चल पाई है।
मैं निर्बल नहीं, खत सी खुशियां भी बिखेर सकती हूं। मैं निर्बल नहीं, खत सी खुशियां भी बिखेर सकती हूं।
न सुबह अपनी न शाम अपनी दिन न जाने कहाँ खो गया ? न सुबह अपनी न शाम अपनी दिन न जाने कहाँ खो गया ?
सोच सकारात्मक रख मंजिल छूती, ऊँचे भाव उपजवा, जज़्बा ऊँचा रखती। सोच सकारात्मक रख मंजिल छूती, ऊँचे भाव उपजवा, जज़्बा ऊँचा रखती।
वक्त अच्छा हो तो इंतजार और बुरा हो तो इंसान। वक्त अच्छा हो तो इंतजार और बुरा हो तो इंसान।
मेरी गलतियों को माफ कर देना मां तू मेरा संसार, मेरी अमानत है मां। मेरी गलतियों को माफ कर देना मां तू मेरा संसार, मेरी अमानत है मां।