Bhoop Singh Bharti
Horror Action
लड़ी लड़ाई खूब थी, जब लग तन म्हं जान।
देस धर्म की आन पै, जान करी कुर्बान।
जान करी कुर्बान, देस की शान बढ़ाई।
बणा खालसा पंथ, नई या राह दिखाई।
कहते गुरु गोबिंद, इसी पर चलना भाई।
देस धर्म की आन, बचाणे लड़ी लड़ाई।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
कोई किसी को क्या दे दिलासा, कैसे पोंछे आंसू हाथ बंधे हुए, हर कोई बेबस, लाचार, उदास कोई किसी को क्या दे दिलासा, कैसे पोंछे आंसू हाथ बंधे हुए, हर कोई बेबस, लाचार...
मिट्टी पे हैं पदचिह्न दिखे कई, पर चलने वाला दिखे नहीं। मिट्टी पे हैं पदचिह्न दिखे कई, पर चलने वाला दिखे नहीं।
कैसे जीवन जीऊंगी अब, काँप रही जीवनदान से। कैसे जीवन जीऊंगी अब, काँप रही जीवनदान से।
उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है। उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है।
यूँ बड़ी मैं क्यूँ हुई के सब लुटेरे बन गए यूँ बड़ी मैं क्यूँ हुई के सब लुटेरे बन गए
सामने दीवार बनकर हो जाये हम खड़े। सामने दीवार बनकर हो जाये हम खड़े।
उसने उसने आजू-बाजू देखा पर उसे कोई नजर नहीं आया कैमरा लेकर राजीव के पास गई। उसने उसने आजू-बाजू देखा पर उसे कोई नजर नहीं आया कैमरा लेकर राजीव के पास गई।
हृदय विदारक है तेजाबी हमला, हाय कैसे इसके क्रूर दंश से बचे अबला ? हृदय विदारक है तेजाबी हमला, हाय कैसे इसके क्रूर दंश से बचे अबला ?
बंदिशों की जंजीरें तोड़कर फूंकने आ रहा हूँ में तेरी नफ़रत की लंका को। बंदिशों की जंजीरें तोड़कर फूंकने आ रहा हूँ में तेरी नफ़रत की लंका को।
नींद आती होगी कि नहीं॥ नींद आती होगी कि नहीं॥
गुत्थी सुलझ ना पाई आज तक उस रहस्यमयी रात की। गुत्थी सुलझ ना पाई आज तक उस रहस्यमयी रात की।
क्या वह साया सचमुच यहाँ है, या यह सिर्फ एक ख्याल है? क्या वह साया सचमुच यहाँ है, या यह सिर्फ एक ख्याल है?
जल रहा था टूट जाने के बाद उसको इस बात की समझ आई। जल रहा था टूट जाने के बाद उसको इस बात की समझ आई।
मगर ऐ दोस्त ! दो राहे पर खड़ी जिंदगी में तू कर फिर से शुरूआत नई। मगर ऐ दोस्त ! दो राहे पर खड़ी जिंदगी में तू कर फिर से शुरूआत नई।
सुनसान सड़क तेज हवाएंँ हो रही थी बारिश की बौछार। सुनसान सड़क तेज हवाएंँ हो रही थी बारिश की बौछार।
यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं। यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं।
कभी कभी तो सचमुच में वो हमको बीवी जैसी लगती है। कभी कभी तो सचमुच में वो हमको बीवी जैसी लगती है।
अब वो दिन दूर नहीं जब, देह मेरा लावारिस शव कहलाएगा ।। अब वो दिन दूर नहीं जब, देह मेरा लावारिस शव कहलाएगा ।।
वो बूंदें कैसी थी जिन पर दर्पण भी शोक मनाता है, वो बूंदें कैसी थी जिन पर दर्पण भी शोक मनाता है,
जल कर खाक हुई, आवाज़ें कहाँ से अब तक आती हैं। जल कर खाक हुई, आवाज़ें कहाँ से अब तक आती हैं।