Bhoop Singh Bharti
Horror Action
लड़ी लड़ाई खूब थी, जब लग तन म्हं जान।
देस धर्म की आन पै, जान करी कुर्बान।
जान करी कुर्बान, देस की शान बढ़ाई।
बणा खालसा पंथ, नई या राह दिखाई।
कहते गुरु गोबिंद, इसी पर चलना भाई।
देस धर्म की आन, बचाणे लड़ी लड़ाई।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
अब तो सीधी रोड़ में भी है टक्कर सफर के मुसाफिर। अब तो सीधी रोड़ में भी है टक्कर सफर के मुसाफिर।
कहना है तो बस करना होगा, मन में कोई दुविधा मत रखो। कहना है तो बस करना होगा, मन में कोई दुविधा मत रखो।
ये जिंदगी शायद मैंने पछतावे में गुज़र ली। ये जिंदगी शायद मैंने पछतावे में गुज़र ली।
हार कर अब नियति मान बैठी है इसको अनकहे भावों की दास्तां वही पुरानी है। हार कर अब नियति मान बैठी है इसको अनकहे भावों की दास्तां वही पुरानी है।
दीबा है मेरा नाम मेरे रुप कई हैं हूँ धूप कहीँ और कहीँ सावन की झड़ी हूँ दीबा है मेरा नाम मेरे रुप कई हैं हूँ धूप कहीँ और कहीँ सावन की झड़ी ...
लहू का रूप हो गया लाल, हृदय ने आंसू ढरकाए। लहू का रूप हो गया लाल, हृदय ने आंसू ढरकाए।
हो जाती है फिर online होने पर तकरार फिर हो जाता है गायब पलभर में Online प्यार...! हो जाती है फिर online होने पर तकरार फिर हो जाता है गायब पलभर में Online प...
कच्ची थी डाल उसको पूछूँ तो वो ही टूट गयीl कच्ची थी डाल उसको पूछूँ तो वो ही टूट गयीl
लेकिन उसका क्या जो आज भी ईंट जुटा रहा है। लेकिन उसका क्या जो आज भी ईंट जुटा रहा है।
हो जाए बलात्कार तो लड़की को दोष देते हैं लड़की से ही क्यों 50 सवाल पूछते हैं। हो जाए बलात्कार तो लड़की को दोष देते हैं लड़की से ही क्यों 50 सवाल पूछते हैं...
जिसने इतने जीवन किये बर्बाद हर गर्मी मनहूस आयेगी याद। जिसने इतने जीवन किये बर्बाद हर गर्मी मनहूस आयेगी याद।
अटकी साँस हमारी ऐसे जैसे बचेगी जान नहीं अटकी साँस हमारी ऐसे जैसे बचेगी जान नहीं
नहीं पता कैसे वो माने, यूं देर लगेगी आने में। नहीं पता कैसे वो माने, यूं देर लगेगी आने में।
उसने एक बच्चे को बहलाया-फुसलाया, और एकांत कमरे में जाकर मारकर खाया। उसने एक बच्चे को बहलाया-फुसलाया, और एकांत कमरे में जाकर मारकर खाया।
जिस दिन कलम छूट जाये, लगता हूं जगत बड़ा अनाथ। जिस दिन कलम छूट जाये, लगता हूं जगत बड़ा अनाथ।
जैसे ही कुछ कदम उठाए हम दोनों ने, अचानक एक काली बिल्ली सामने आई। जैसे ही कुछ कदम उठाए हम दोनों ने, अचानक एक काली बिल्ली सामने आई।
क्या उसे लिखें क्या उसे कहें जिस ने कर के बे-जान, फिर जान-ए-जाँ भी लिखा है। क्या उसे लिखें क्या उसे कहें जिस ने कर के बे-जान, फिर जान-ए-जाँ भी लिखा है...
विसर्जन के बाद बस कुछ पल मौन ही साथ होता है। विसर्जन के बाद बस कुछ पल मौन ही साथ होता है।
एक सच्चे देशभक्त की, यह सच्ची कहानी है। एक सच्चे देशभक्त की, यह सच्ची कहानी है।
मेरी नींद खुल गई और ये एक भयानक सपना ही था। मेरी नींद खुल गई और ये एक भयानक सपना ही था।