Bhoop Singh Bharti
Action Classics Inspirational
सेवा सेहत दोस्ती, लक्ष्य सदा ही तीन।
रैड क्रॉस हरदम रहे, सेवा में ही लीन।
सेवा में ही लीन, बहे करुणा की धारा।
घायल की हो मदद, एक ही रहता नारा।
करो ’भारती’ कर्म, अवश्य मिलेगी मेवा।
भाईचारा प्यार, बढ़ाती हरदम सेवा।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
स्कूलों की बिल्डिंग चारदीवारी के अंदर बंद हो है गई। स्कूलों की बिल्डिंग चारदीवारी के अंदर बंद हो है गई।
खौफनाक तूफानों से जान को बचाये रखना खौफनाक तूफानों से जान को बचाये रखना
गर्वित मत होना अपने अतीत पर केवल, कैसे हो सुनहरा भविष्य निर्माण इसका विज्ञान भी लिखना, गर्वित मत होना अपने अतीत पर केवल, कैसे हो सुनहरा भविष्य निर्माण इसका विज्ञान ...
भारत माता का गर्व वो मेरे देश का सैनिक है होता। भारत माता का गर्व वो मेरे देश का सैनिक है होता।
कैसी ये तेरी हिमाक़त है तूने प्रभुता को ललकारा है! कैसी ये तेरी हिमाक़त है तूने प्रभुता को ललकारा है!
क्या कहती हो, ठहरो नारी ! क्यों अब भी केवल निष्ठाहीन हो, तौहीन हो.. क्या कहती हो, ठहरो नारी ! क्यों अब भी केवल निष्ठाहीन हो, तौहीन हो..
नापाक इरादे वालों की हस्ती को मिटायेंगे नापाक इरादे वालों की हस्ती को मिटायेंगे
Thank you Thank you
कोरोना से न मानेंगे हार, हम फिर पकड़ेंगे रफ्तार। कोरोना से न मानेंगे हार, हम फिर पकड़ेंगे रफ्तार।
गर तुम भी साथ देते जोड़ने में तो मजबूत होती ज़ंजीर हमारे रिश्ते की। गर तुम भी साथ देते जोड़ने में तो मजबूत होती ज़ंजीर हमारे रिश्ते की।
यही साथ देगा ता-उम्र नाज़ुक दिल से करलो बेइंतहा मोहब्बत। यही साथ देगा ता-उम्र नाज़ुक दिल से करलो बेइंतहा मोहब्बत।
खुद देश हितों में अर्पित हो, तुमसा ना कोई अनमोल हुआ। खुद देश हितों में अर्पित हो, तुमसा ना कोई अनमोल हुआ।
बदलते मौसम के साथ तू बदल गया मैं वही पर ठहरी रह गई। बदलते मौसम के साथ तू बदल गया मैं वही पर ठहरी रह गई।
मेहनत ही बदलती किस्मत अथक श्रम। मेहनत ही बदलती किस्मत अथक श्रम।
कविता : मरीना त्स्वेताएवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास कविता : मरीना त्स्वेताएवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास
दहाड़ मारकर तुम जैसे दुश्मन को कर देगा ढेर। दहाड़ मारकर तुम जैसे दुश्मन को कर देगा ढेर।
बॉलीवुड भी श्मशान है फिर क्यों सीरीज के नाम पे हुए हम बदनाम है। बॉलीवुड भी श्मशान है फिर क्यों सीरीज के नाम पे हुए हम बदनाम है।
हैं शरण तेरी माँ हे वाणी, हरो तिमिर माँ विमला रानी। हैं शरण तेरी माँ हे वाणी, हरो तिमिर माँ विमला रानी।
उन्हें अपने सिर पर बैठाने के ख़िलाफ़ लिख दो हर एक खिश्त पर इंक़लाब लिख दो। उन्हें अपने सिर पर बैठाने के ख़िलाफ़ लिख दो हर एक खिश्त पर इंक़लाब लिख दो।
हम तो तेरे हैं 'माही' सदा के लिए अब न हरदम हमें आज़माया करो। हम तो तेरे हैं 'माही' सदा के लिए अब न हरदम हमें आज़माया करो।