Bhoop Singh Bharti
Action Classics Inspirational
सेवा सेहत दोस्ती, लक्ष्य सदा ही तीन।
रैड क्रॉस हरदम रहे, सेवा में ही लीन।
सेवा में ही लीन, बहे करुणा की धारा।
घायल की हो मदद, एक ही रहता नारा।
करो ’भारती’ कर्म, अवश्य मिलेगी मेवा।
भाईचारा प्यार, बढ़ाती हरदम सेवा।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
जीवन के किसी भी क्षेत्र में इनका महत्व कम नहीं। जीवन के किसी भी क्षेत्र में इनका महत्व कम नहीं।
परिवार की सेवा हमेशा, दिलोजान से भी करना। परिवार की सेवा हमेशा, दिलोजान से भी करना।
भाईचारा प्यार, बढ़ाती हरदम सेवा। भाईचारा प्यार, बढ़ाती हरदम सेवा।
बने सांग की लाट, लोक कवि थे निराले। बने सांग की लाट, लोक कवि थे निराले।
हर मुश्किल डगर आसान और सुगम बन जाती है। हर मुश्किल डगर आसान और सुगम बन जाती है।
वीर शिवाजी नाम था उनका, बलिदानी की प्रति मूर्ति थे। वीर शिवाजी नाम था उनका, बलिदानी की प्रति मूर्ति थे।
तुम भी तो पढ़ने बैठी हो करके सिंगार, हल नहीं हो पता स्कूल में दोनों से एक भी सवाल। तुम भी तो पढ़ने बैठी हो करके सिंगार, हल नहीं हो पता स्कूल में दोनों से एक भी...
जब कारण मालूम ना, तो बात करनी जरूरी। जब कारण मालूम ना, तो बात करनी जरूरी।
जो कर रही है आगाज जो कर रही है आगाज जो कर रही है आगाज जो कर रही है आगाज
कहे भारती गजब, प्रेम की अद्भुत लाली। जीवन में हो प्रेम, जिंदगी बने निराली। कहे भारती गजब, प्रेम की अद्भुत लाली। जीवन में हो प्रेम, जिंदगी बने निराली।
सपनों की मंजिल पर चलने को हां मैं कर चुकी। सपनों की मंजिल पर चलने को हां मैं कर चुकी।
अरे.! व्यापार वालों जरा गरीबों की भी सुनो हाहाकार। अरे.! व्यापार वालों जरा गरीबों की भी सुनो हाहाकार।
अब उस जज्बात को पेश करने से भी क्या होगा? अब उस जज्बात को पेश करने से भी क्या होगा?
फिर क्या करूँगी कहाँ जाऊँगी. फिर क्या करूँगी कहाँ जाऊँगी.
माना ख़तरा बहुत जाने में, पर मरने से हम डरते नहीं। माना ख़तरा बहुत जाने में, पर मरने से हम डरते नहीं।
गुरबत की मारी उसकी बुढ़िया अम्मा! गुरबत की मारी उसकी बुढ़िया अम्मा!
फिर से आया मौका ! जोर से लगेगा चौका!! फिर से आया मौका ! जोर से लगेगा चौका!!
तुम जानते हो कि ये व्यक्ति उस सम्मान के काबिल नहीं है। तुम जानते हो कि ये व्यक्ति उस सम्मान के काबिल नहीं है।
हिफाजत कितनी भी कर लूं टूट ही जाएंगे एक दिन। हिफाजत कितनी भी कर लूं टूट ही जाएंगे एक दिन।
दर्द बढ़ाते हैं हर दिन अपने दिल का। दर्द बढ़ाते हैं हर दिन अपने दिल का।