STORYMIRROR

Ashok Patel

Classics

3  

Ashok Patel

Classics

कुछ यत्न करो

कुछ यत्न करो

1 min
392

कुछ यत्न करो व प्रयत्न करो

मैं शक्ति साहस ऊर्जा लाया हूँ

कुछ तो बाजुओं में साहस भरो

मैं भुजा को फड़काने आया हूँ।


मान और स्वाभिमान के लिए

मन में उत्साह जगाने आया हूँ

जो गद्दारी का दुस्साहस करे

सुधरने,अगाह कराने आया हूँ।


क़मर कसके हो जाओ तैयार

मैं विजय तिलक धर आया हूँ।

माँ भारती का कसम तुम्हे है

मैं इसकी गाथा धर लाया हूँ।


जो भी दामन को दाग लगाए

मैं उसे सबक सिखाने आया हूँ

उनको शमन करो दमन करो

मैं ऐसा तुम्हे बताने आया हूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics