Neerja Sharma
Drama
कठपुतली
धागों में बंधी
अपने से जूृझती
इशारों पर नाचती
आजादी को तड़फती
बेबस मज़बूर रहती सोचती
कैसे तोडूँ इन बँधनों को
हो जाऊँ मैं आजाद
करूँ कुछ मन का
प्रसन्न होकर
जीऊँ मैं
कठपुतली।
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कभी न कर सका जो किसी को वो प्यार करना चाहता हूं। कभी न कर सका जो किसी को वो प्यार करना चाहता हूं।
कहीं आस पास ही होती है लेकिन ना दिखाई देती है। कहीं आस पास ही होती है लेकिन ना दिखाई देती है।
जिनको कभी हम सारा वक्त दिया करते थे अब उनके वक्त के लायक नहीं हैं हम जिनको कभी हम सारा वक्त दिया करते थे अब उनके वक्त के लायक नहीं हैं हम
नाराज़ होते थे दिल में कदुरत ना थी बचपन का हमारे वह ज़माना अजीब था। नाराज़ होते थे दिल में कदुरत ना थी बचपन का हमारे वह ज़माना अजीब था।
किस्मत खुदा के हाथों में है इसे लिखा नहीं था मैंने। किस्मत खुदा के हाथों में है इसे लिखा नहीं था मैंने।
मजा वही लूटता है जिंदगी का, जिसके पास होता है ये ज्यादा, मजा वही लूटता है जिंदगी का, जिसके पास होता है ये ज्यादा,
फिर घुमाने बाजार को ले जाए, कंधों पर बिठा के बांटे खूब प्यार, फिर घुमाने बाजार को ले जाए, कंधों पर बिठा के बांटे खूब प्यार,
मैं चलती रही उसके पीछे पीछे बस इश्क के उंगली पकड़कर मैं चलती रही उसके पीछे पीछे बस इश्क के उंगली पकड़कर
कमबख्त इश्क़ ने भी क्या कमाल कर दिया खुद बेकसूर बनकर हमें गुनाहगार कर दिया। कमबख्त इश्क़ ने भी क्या कमाल कर दिया खुद बेकसूर बनकर हमें गुनाहगार कर द...
कि वो मासूम बन बैठे करके बरबाद 'ज़ोया' को, दिखाने को किसीकी ज़िन्दगी आबाद करते है। कि वो मासूम बन बैठे करके बरबाद 'ज़ोया' को, दिखाने को किसीकी ज़िन्दगी आबाद करते ...
वो ही ज़रा जल्दबाजी में थे, उम्र भर साथ चलने के इरादे ना उनके थे। वो ही ज़रा जल्दबाजी में थे, उम्र भर साथ चलने के इरादे ना उनके थे।
ये साँसे तो चलती है सनम की ख़ुशबू से, क्या करें! मिरा महबूब ही खुदगर्ज हुआ है। ये साँसे तो चलती है सनम की ख़ुशबू से, क्या करें! मिरा महबूब ही खुदगर्ज हु...
कहाँ पर सुनाई देती है आशिकी, कोई हमें भी बताये, कहाँ पर सुनाई देती है आशिकी, कोई हमें भी बताये,
नज़राने अजीब है इस दुनिया के दुनिया के रिवाज़ समझना ही मेरी ख्वाहिश है। नज़राने अजीब है इस दुनिया के दुनिया के रिवाज़ समझना ही मेरी ख्वाहिश है।
कोरी ओढ़ी है मैंने चूनर आज, रंग दे मोहे हर रंग से तू आज। कोरी ओढ़ी है मैंने चूनर आज, रंग दे मोहे हर रंग से तू आज।
तलाक का कागज बीवी ने पति के घर पर भिजवाया तलाक का कागज बीवी ने पति के घर पर भिजवाया
अगर वो दिख जाए तो धड़क उठता है और अगले पल मुझे झुका लेता है। अगर वो दिख जाए तो धड़क उठता है और अगले पल मुझे झुका लेता है।
आगे अब कैसे बढ़ना है ये अब सोचो तस्वीर कभी पुराने नहीं होते आगे अब कैसे बढ़ना है ये अब सोचो तस्वीर कभी पुराने नहीं होते
मैं अनुभव कर सकती हूँ तुम्हारी विराटता का मैं अनुभव कर सकती हूँ तुम्हारी विराटता का
बहुतों का कलम उठ जाये पक्ष -विपक्ष में लिखने को बहुतों का कलम उठ जाये पक्ष -विपक्ष में लिखने को