STORYMIRROR

Sonal Bhatia Randhawa

Romance

3  

Sonal Bhatia Randhawa

Romance

कसक

कसक

1 min
190

मुद्दतों बाद उनकी गली में

जब जाना हुआ

मानो दिल को एक बार

फिर आज़माना हुआ

बालों में चाँदी की चमक

भी ना छुपा सकी

चेहरे की रौनक़

दिल की धड़कन

भी जैसे गयी हो ठिठक

कमबख़्त ये इश्क़ भी

ना देखता है उम्र

ना सालों के फ़ासले

फिर दिखा गया वो

पहले प्यार

की मीठी सी झलक

वही अनकही कहानियाँ

और वही फिर से

मिलने की ललक



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance