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Kumar Vikash

Tragedy


4.0  

Kumar Vikash

Tragedy


कोर्ट की तारीख

कोर्ट की तारीख

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आज सब बोलेंगे और कुछ दिनों तक

लगातार यूँ ही बोलते रहेंगे,


खून जो खौल रहा है सोई हुई आत्मा

लगातार रूदन कर रही है !!


कुछ दिनों बाद फिर जैसे सब को सांप

सूंघ जायेगा हमेशा की तरह,


खामोशी छा जायेगी यह सोच कर की

कोर्ट में तारीख तो चल रही है !!


रोता और बिलखता रहेगा सिर्फ और

सिर्फ उस बच्ची का परिवार,


क्यों की उधर कोर्ट में तारीख बदलती

रहेगी और बदल रही है !!


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