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Priyanka Sagar

Tragedy

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Priyanka Sagar

Tragedy

गंवार

गंवार

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हम तो गाँव के

गंवार बनके रह गये।

शहर की भाषा समझ के

अंजान बनके रह गये।

नाहीं शहर की हवा रास आई।

गाँव की माटी की 

सुगंध भूल ना पाये।

शहर की आबोहवा

से परिचित होके

अपरिचित बनके रह गये।

शहर की चालाकी से दूर हम 

गाँव के गंवार बनके रह गये।


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