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Dr Jogender Singh(jogi)

Tragedy

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Dr Jogender Singh(jogi)

Tragedy

शरीफ़

शरीफ़

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करोड़पति बन गया मैं, कुछ कौडिय़ां इकट्ठी कर ली !

औने/ पौने दाम पर ख़रीदे सच्चे रिश्ते ,

लाखों की झूठी इमारत खड़ी कर ली । 

महफ़िलों में मेरा ख़ासा ज़िक्र होता है ,

उस ज़िक्र पर मुझे फ़क्र होता है ।

लाल रंग से सजी गाड़ी मुझे है पसंद ,

लाली में जिसकी बेगुनाहों का खून भी है शामिल।

बेशर्मी की सारी हदें पार कर ,

अब बैठा हूँ शरीफ़ बन कर । 



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