STORYMIRROR

Arun Gode

Tragedy Others

4  

Arun Gode

Tragedy Others

कॉरपोरेट याराना

कॉरपोरेट याराना

1 min
435


कॉरपोरेट, राजनेता की बनी जुगलबंदी,

हर राजनेता को चाहिए सत्ता की हंडी.

कॉरपोरेट को चाहिए सिर्फ सोना-चांदी,

मिल-जुल के लुटने में ही हैं अक्लमंदी


बना रहे हमारा याराना और जुगलबंदी,

देश-विदेशों में हो कोरोना से भले ही अर्थ मंदी

लेकिन याराना में ना हो कभी कोई मंदी,

तुम्हारी-हमारी होती रहे ऐसे ही हमेशा चांदी


जो धन कुबेर देगा चुनाव में सबसे ज्यादा चंदा,

उसी धन कुबेर का दौड़ेगा कोरोना में भी धंधा

चार गुना बढ़ेगी उसी कॉरपोरेट की आमदानी,

चाहे धरातल पहुँच जायें देश की अर्थ मंदी


कॉरपोरेट के लिए होंगे कृषि कानून आसान,

किसानों को भले ही छेड़ने दो देश व्यापी आंदोलन

नये कृषि कानूनों से किसानों को होने दो नुकसान,

राजनेता करेगा कॉरपोरेट का आँख बंद करके सम्मान


लोकतंत्र से ही चुने जायेंगे जन प्रतिनिधि,

लेकिन कानून बनायेगा कॉरपोरेट प्रतिनिधि

जन सेवक कहेंगे देश के किसानों को देशद्रोही,

बतायेंगे किसान आंदोलन में लगी हैं आतंकवादी पूंजी।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy