होली का संदेश.
होली का संदेश.
होली का संदेश.
बहती हवाएं कह रही हैं,
धरती की उड़ती धूल कह रही है,
आसमान से चाँद और सितारे कर रहे हैं,
इस बार होली के रंगसे रंग दे गोरीको ऐसे,
फूलवाड़ी में हसते -खिलते रंगी -बिरंगी फूल जैसे।
हर होलीपर उसे याद आएं अपना प्रितम,
होली के रंगसे गोरीको रंग जाने दे,
और उसे तिरछी नजरों से मुसकुराने दे,
आँखों-आँखों में प्यारका इजहार होने दे।
बहती हवाएं कह रही हैं,
धरती की उड़ती धूल कह रही है,
इस बार होली के रंगसे रंग दे गोरीको ऐसे,
चाँद-सितारे,बहती हवाएं और उड़ती धूल कह रही हैं,
होली के बहाने तु गोरी को चुंब ले,
इश्क का तोफा उसे तू बक्ष दे।
होली के रंग से गोरी का रंग जाना,
वो गोरी के दिलमें जैसे प्रियतमका उतर जाना,
प्रेम की पहिली सीढ़ी को पार कर जाना।
बहती हवाएं कह रही हैं,
धरती की उड़ती धूल कह रही है,
इसबार होली के रंगसे रंग दे गोरीको ऐसे,
कन्हैयां-राधा के मिलन की फिर याद दिला दे।
होली हैं प्रेम और रिश्ते बनानेका त्योहार,
इस सुनहरे मौकेको तुम मत मुकर जाना।
होली तो हर साल आएंगी और जाएंगी,
लेकिन अगर हम बिछड़ जाएं,
तो फिर नहीं एकदूजे को ढूंढ पाएंगे।

