STORYMIRROR

Antariksha Saha

Romance

4  

Antariksha Saha

Romance

तुम

तुम

1 min
15

आहिस्ता आहिस्ता तुम ज़िन्दगी में आए 

कभी टिफ़िन बनाने की जल्दी में

कभी नहाने की गर्म पानी तौलिया देते हुए

प्यार बेशक़ नहीं था पहले

पहले आदत सी हो गई


कभी तेरे सांसों को महसूस करते हुए

कभी बिना जताते हुए कितना प्यार करते है 

आँखें कहे दिल की बयान

तुम सामने मेरे रहो

रात से सुबह हो ऐसे ही


ज़िन्दगी की मुश्किलों को ऐसे ही हम

साथ जीते रहे

रब से कुछ नहीं बस तेरा साथ मांगूँ

तुम सामने मेरे रहो

और क्या चाहिए 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance