रिश्ते.
रिश्ते.
रिश्ते.
माता-पिता और भाई -बहन,
बेटा-बेटी,भाई-भाई,बहन-बहन।
ये तो हैं खून के रिश्ते,
ना इसे बना सकते,ना इसे छोड़ सकते।
लेकिन मानवका मानवसे प्रेमका रिश्ता,
खूनसे बढ़ाकर मानवताका कुद्रती रिश्ता।
ये विददमान सृष्टिही मानव की जननी,
मानवता है उसकी सभ्यता और संस्कृति।
मनुष्यका पशुओं से आपसी उपयोगका रिश्ता,
पशुओं का वनस्पतियों से जीवन-मरण रिश्ता।
मानवका दोनों से निरंतर उपजीविकाका रिश्ता,
तीनोंके बीच पारस्परिक,सहयोग,निर्भरता रिश्ता।
सृष्टिको वस्तुत: सृष्टि हमेशा बनाएं रखना,
मानवकी मानवताके लिए नैतिक जिम्मेदारी।
सबसे उंचा व घना मानव और सृष्टिका रिश्ता,
सृष्टि की निरंतरता मानवता के लिए सर्वोपारी।
कुद्रत से मानव की क्रूराता होगी बर्बादी,
ये सृष्टि ही उसकी वास्तविक मातोश्री।
मातोश्री से बर्बरता होगी खुदकी बर्बादी,
सभीमें संतुलन बनाना मानवी जिम्मेदारी।
मानव का मानव से रहे मित्रताका रिश्ता,
क्योंकि मित्रताही विश्वमें सर्वश्रेष्ठ रिश्ता?
मानवताही एक मूलमंत्र निभानेका मित्रता,
मनुष्यसे मनुष्य की सदा रहे अटुट मित्रता।
विश्र्वमें अन्य धर्मोंमें सर्वश्रेष्ठ धर्म मानवता,
वही हमेशा जिंदा रखेगाँ धरतीपर मानवता।
मानवता ही कायम रखेगां पृथ्वीका अमरत्व,
मानव की मानव से हमेशा बनी रहे मित्रता!
