दिवाने का गम.
दिवाने का गम.
दिवाने का गम.
मोरनी जैसी तेरी मतवाली चाल,
करती मेरे दिलको होल-होल बेहाल।
तुम जहां-जहां नजर आएं मुझे खडे,
वहां-वहां पर ही मेरी नजर हरबार दौड़े।
जहां-जहां तेरे कदम होल-होल बढ़े,
उसी और मेरे कदम अपने-आप चले।
ऐ कैसी आफत इस दिवानेपर आ पड़ी,
तेरे पीछे-पीछे दौड़े ऐ दिवाना हर घड़ी।
तुम्हारे भी कदम शायद युही लड़खड़ाते,
जब मेरे आँखों के तीर तुम्हारे को युही छेड़ते।
तुम्हारी बेमिसाल हरकते कुछ-कुछ नजरों से कहती,
आग इस दिले में लगी और ज्वाला उधर भी है भड़की।
ऐ कैसा गजब सिलसिला तेरे मेरे बिच में,
इषारों-इषारों में चल पड़ा तेरे मेरे बिच में।
ना मुझेको इसकी खबर लगी ,ना तुझे है खबर,
कहाँ तक चलेगां प्यारका तूफान आगेकी और।
तुम्हारी ऐ झुकी -झुकी शर्मीली नजरें,
और धीरे-धीरे बढ़ते तुम्हारे होले-होले कदम।
रोकती हैं मेरे साँसे और निकलता है मेरे दम,
तुम्हें कहीं खो ना जाऊँ इसका होगा मुझे गम।

