कलम
कलम
इस कलम की हक़ीक़त जानिए
जो लिख नहीं रही तेरे नाम को
तो इसकी मज़बूरी को पहचानिये,
इसने लिखे है इतिहास कई
जाने क्यों तुम इसको भूल रहे हो
इसके लिखे भविष्य को पहचानिये ,
इस कलम में सच की ताकत भी है
इसी कलम में झूठ सरसराहट भी है
इस कलम के लिखे को पढ़ते जाइये।
इसने बड़ी से बड़ी आवाज़ को दबाया है
इसने छोटी से छोटी आवाज़ को उठाया है
इसे एक कमज़ोर इंसान, कभी ना मानियें।
ये ज़िंदा कर देती है मरे इन्साओं को
ये मुर्दा कर देती है सब शैतान को
इसके अस्त्र शास्त्र को , अचूक मानिये।
इस कलम में बसा है अमरत्व का वरदान
ये टूटे तो जीवन हो जाए पलभर में शमशान
इस कलम को इतना कमज़ोर ना मानिये।
