कलाकार
कलाकार
एक कलाकार वही है, जो अपनी कला से सबको है रिझाता।
उसकी कला ऐसी, जिससे श्रोता और दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाता।
गायक हो तो अपनी गायकी से श्रोताओं के चित्त को खिलाता।
अभिनेता हो तो अपने अभिनय से दर्शकों के मन को हर्षाता।
जब गायक और अभिनेता अपनी कला से रुलाने पर आता।
तब श्रोताओं और दर्शकों को रुलाकर ही अव्वल है कहलाता।
चित्रकार अपनी चित्रकारी से सबको अचंभित कर जाता।
कोरे काग़ज़ों पर रंगों से ही वह चित्रों को सजीव कर पाता।
कवि अपनी कलम से ही साधारण शब्दों को ख़ूबसूरत कविता में ढालता।
लेखक अपनी लेखनी के जादू से कल्पनाओं को दृश्यों में बदल डालता।
सच्चा कलाकर वही है जो, किसी भी विपदा से न घबराता।
दुःख तकलीफ़ जो भी हो, कला प्रदर्शित करते हुए मुस्कुराता।
