कल रात ख़्वाब में मां आई थी
कल रात ख़्वाब में मां आई थी
कल रात ख़्वाब में मां आई थी
बेटा तूने खाना खाया की नहीं
बस एक ही सवाल पूछ रही थी
उस रात में भूखा सोया था
काम कर के थक कर घर लौटा था
अचानक मेरी नींद टूटी या
आँखों को मचल कर देखा तो
मैं बिस्तर के पास मां के
हाथ का बना हुआ खाना
रखा मिला और
कल रात में भर पेट
खाना खाकर सो गया
सुबह हुआ तो मेरा वो झूठी
थाली मेरे पास पड़ी मिली
पर अचानक मुझे खयाल आया
मेरी मां तो मुझे बरसों पहले
छोड़के चली गई थी अकेला पर
लोगों की माने तो मेरी
मां इस दुनिया में नहीं थी
मेरी माने तो मेरी मां
यहीं कहीं छुपी हुई थी
उस खाने की हर एक दाने में
मेरे उन ख्वाबों में
कल रात ख़्वाब में मां आई थी
बेटा तूने खाना खाया की नहीं
बस एक ही सवाल पूछ रही थी।
