खयालों में
खयालों में
तेरी प्यार भरी नजर से मेरी,
तबीयत सुधर जाती है,
तू इलाज करती है या प्यार करती है?
इस खयालों पूरी रात बीतती है।
तेरे बेशुमार हुस्न के असर से,
निंद मेरी उड़ जाती है,
तू तड़पाती है या पास आती है?
इस खयालों में पूरी रात बीतती है।
तेरी छैल छबीली मस्त अदाओं से,
आंखें मेरी तरस जाती है,
तू स्वर्ग की अप्सरा है या परी है?
इस खयालों में पूरी रात बीतती है।
तेरे होंठों के मधुर अल्फाज से,
कलम मेरी सोचने लगती है,
तेरी कविता लिखूं या गज़ल लिखूं ?
इस खयालों में रात बीतती है।

