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Vijay Patil

Romance

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Vijay Patil

Romance

अलग हिसाब किताब

अलग हिसाब किताब

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आँखों से आँखें मिली तो

चार होती हैं

दिल से दिल मिले तो

दिल एक हो जाता है !!

ये प्यार का गणित है

जरा अलग हिसाब किताब

होता है !!


मैं तुम्हें चाहती हूँ

वो मुझे चाहता है

कोई और उसको चाहता है

ज़रूरी नहीं मैं उसको भी चाहूँ !!

ये प्यार का गणित है

जरा अलग हिसाब किताब

होता है !!


प्यार से देखें तो दिल धड़कता है

हाथ दिल पे रखे तो करार मिलता है

वो कोई डॉक्टर नहीं है !!

ये प्यार का गणित है

जरा अलग हिसाब किताब

होता है !!


वह किसी को मिले तो

दिल में कसक सी होती है

उसको दिल की बात भी न कह सकें !!

ये प्यार का गणित है

जरा अलग हिसाब किताब

होता है !!


बिना बताएँ लेकिन

वह समझ जाता है

टेबल पर मेरे, फ़ोन नम्बर छोड़ जाता है !!

ये प्यार का गणित है

जरा अलग हिसाब किताब

होता है !!


प्यार यह एक ऐसा

केमिकल लोचा है

ना कोई समझा ना समझ पाएगा !!

ये प्यार का गणित है

जरा अलग हिसाब किताब

होता है !!



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