STORYMIRROR

Vijay Patil

Others

3  

Vijay Patil

Others

उम्मीद

उम्मीद

1 min
141

लोग ख़ुशियाँ लेते हैं ख़रीद

हम वो है

जो दुख भी दुगने दाम ख़रीदें !!


लोग झूट बोलके छूट जाते हैं

हम वो है

जो सच बोल जेल जाते है !!


बिना माँगे किसी को प्यार मिले

हम वो है

माँगे हमें नफ़रत नसीब नहीं !!


ठहाके मारते बहुत देखें

हम वो है

बरसों हँसी होठों को नहीं छुई !!


लोग सब मिलने के बावजूद दुखी देखें

हम वो है

देख़ हमारा दुख वो भी ख़ुश महसूँस करें हैं !!


बावजूद इन सबके

हम वो है

उम्मीद कभी भी नहीं छोड़ें हैं .....!!



Rate this content
Log in