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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Inspirational Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Inspirational Thriller

शब्दों का सम्मान

शब्दों का सम्मान

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शब्दों का सदा दिल से सम्मान चाहिए,
हर बात में सच्चाई का वरदान चाहिए।

रिश्तों में मधुरता बनती है शब्दों से,
बातों में सभी के मधुर गान चाहिए।

कभी शब्दों से घायल बनता है मन,
इसलिए ज़ुबाँ पर कुछ लगाम चाहिए।

शब्दों से ही बनते हैं यहाँ दिल के नगर,
हर लफ़्ज़ में प्रेमों का स्थान चाहिए।

कटु वचन दिल को दुख पहुंचाता कभी,
मधुर बोली और मीठी मुस्कान चाहिए।

शब्दों की तपस्या से ही मिलता है मान,
हर शायर को हमेशा समझना चाहिए।

शब्दों का सही प्रयोग करे जो भी सदा,
उस व्यक्ति को जग में सम्मान चाहिए।

शब्दों का सम्मान करो उम्र भर 'मुरली',
मानव को हमेशा यह ज्ञान होना चाहिए।

 रचना:-धनजीभाई गढीया"मुरली" (ज़ुनागढ-गुजरात)


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