खूबसूरत है ये मंज़र देख लो
खूबसूरत है ये मंज़र देख लो
खूबसूरत है ये मंज़र देख लो
बादलों में चाँद दिलबर देख लो
बीत जायेगा समय ये वस्ल का
है जुदाई का मुझे डर देख लो
वक़्त की रफ़्तार कितनी तेज है
और जाना भी मुक़र्रर देख लो
फिर न जाने कब मिलेंगे आप से
जाते जाते इक नज़र भर देख लो
झूठ की दुनिया में सच्चा कौन है
ढूँढ कर तुम हम से बेहतर देख लो
तोड़ कर दिल वो हमारा चल दिए
मुस्कुराता है सितमगर देख लो
जान से ज़्यादा जिसे चाहा कभी
है उसी के हाथ ख़ंजर देख लो
ज़िन्दगी का क्या भरोसा आज कल
चार दिन ही हैं मयस्सर देख लो
माँगते हैं बेवफ़ा से ही वफ़ा
बस यही ‘अवि’ का मुकद्दर देख लो।

