STORYMIRROR

Rajni Sharma

Romance Tragedy

3  

Rajni Sharma

Romance Tragedy

कह दो अपना

कह दो अपना

1 min
328

अपनी प्रेयसी की 

संवेदनाओं को 

कब पहचानोगे तुम 

मैनें पूछा तुमसे कि 

कब आओगे तुम 


दिन बीते, रात बीती 

सुबह से शाम हुई 

न आये तुम 

और मेरी आँखें नयनाभिराम हुई 

आ जाओ अब तो 


मुझसे विरह सहा न जायेगा 

कह दो अपना एक बार तुम 

वरना प्राण ही निकल जायेगा 

रहेगा इंतजार चन्द आखिरी सांसों तक 

आओगे ज़रूर तुम 


प्रेम की अंतिम बूंद तक 

ऐसा विश्वास है मेरा 

साथ निभाओगे 

आओगे मेरे पास तुम 

आखिर और कहाँ जाओगे


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance