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meghna bhardwaj

Romance

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meghna bhardwaj

Romance

कभी मुझे ……

कभी मुझे ……

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जब साथ थे उसके

कभी मेरा ख़याल आया क्या

जैसे उसको मनाते हो हर बार

कभी मुझे मनाया क्या 

उसे अपने हाथ से खाना खिलाते हो

कभी मुझे खिलाया क्या

तुम्हारा हर राज जानती होगी वो

कभी खुल्लर मुझे कुछ बताया क्या

जितनी फ़िक्र उसकी करते हो

उसका आधा भी प्यार मुझे जताया क्या

अपनी जो बुराइयाँ मुझसे छिपायी थी

उसके बारे में उसे बताया क्या।


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