STORYMIRROR

meghna bhardwaj

Others

3  

meghna bhardwaj

Others

तू थोड़ी देर और ठहर जा

तू थोड़ी देर और ठहर जा

1 min
195

आकर थोड़ा तुम भी ठहर जाओ

बात कहो कुछ अपनी, कुछ हमारी भी सुन जाओ

वक्त बर्बाद करने को तो पूरी ज़िंदगी पड़ी है

नज़र उठाकर देखो सामने ज़िंदगी खड़ी है

बस इक वक्त हमारे साथ भी रुक जाओ

तुझ पर थोड़ा ज़ोर होता तो हाथ पकड़कर रोक लेते 

तेरे जैसा कोई और होता तो हम इस कदर ना रोते

चाहत है तुझसे इतनी की

आँखें दीदार नहीं कर सकती 

लफ्ज़ बयान नहीं कर सकते



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन