कब तक करोगी इंतजार मेरा ?
कब तक करोगी इंतजार मेरा ?
कब तक करोगी इंतजार मेरा ?
कब तक तुम मेरी आसरा देखोगी ?
कब तक तुम मेरी राह तकोगी ?
बहुत दिन यूं ही बीत जायेंगे जब !
आने की मेरी खबर न मिलेगी तुझे तब ?
क्या तब भी तुम मेरी बाट देखोगी ?
या यादों को विसर्जित कर
अपनी नई जिंदगी जियोगी ?
कब तक करोगी इंतजार मेरा ?
तुमसे मिलने की तमन्ना
बहुत कर रही मेरी !
क्या करूं महबूब ?
हालतों के मजबूर हूँ मैं !
दिल में तेरे अपना घर बसाकर
खुद ही तुझसे दूर हूँ ,मैं !
हर -घड़ी बस उस घड़ी को
याद कर खो जाता हूँ,
जिस घड़ी में हमने कुछ
यादगार पलें बितायी थी !
साथ में हमने सुकून की
संगीत गुनगुनाई थी ।
क्या मैं भी याद आता हूँ तुझे ?
तू जब सुकून की नींद ले रही होती तो
तुझे चूमकर मैं सहलाता हूँ तुझे।
कहाँ ढूंढू अपने दिल को मैं ?
अपने दिल को तेरे पास छोड़ आया ।
तेरै दिल ही अपना समझकर
धड़कन में अब जोड़ लाया।
कब तक करोगी यूं ही इंतजार मेरा ?
कब तक तुम मेरी यादों के संग जियोगी ?
मेरे लिए तुम कब तक
अपनी कीमती वक्त जाया करोगी ?
आखिर कब तक करोगी इंतजार मेरा ?

