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Radha Shrotriya

Tragedy

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Radha Shrotriya

Tragedy

कैद

कैद

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अपने अपने समय की

सलाखों में कैद,


अपने कर्तव्यों की जंजीर के

बोझ तले दबा हुआ,


हर एक शख़्स

वो राजा हो या रंक

बंधुआ मजदूर है यहाँ !


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